नई दिल्ली, जून 22 -- उत्तर प्रदेश की तर्ज पर ही पश्चिम बंगाल में भी मदरसों पर ऐक्शन की तैयारी हो गई है। वहीं अल्पसंख्यक संगठनों का कहना है कि सरकार केवल मुसलमानों को निशाने पर लेने की कोशिश कर रही है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि अवैध रूप से या फिर निजी तौर पर चलाए जा रहे मदरसों की फंडिंग, कैरिकुलम, शिक्षकों की योग्यता और गतिविधियों की जानकारी जरूरी है। इसके अलावा अगर मदरसों में किसी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है तो उनको बंद करने का भी आदेश दिया जाएगा। शिक्षा के लिए जरूरी मूलभूत ढांचे की भी जांच की जाएगी। अगर अवैध तरीके से कब्जाई गई जमीन पर मदरसा पाया जाता है तो ढहाने का भी आदेश दिया जा सकता है। राज्य सरकार के सीनियर अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले की सरकार ने कभी मदरसों को लेकर जानकारी नहीं मांगी। उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है...