नई दिल्ली, मार्च 31 -- कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य में निर्वाचन आयोग द्वारा प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादलों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित करने में विफल रहा कि कार्रवाई मनमानी थी और इससे जनहित को नुकसान हुआ। मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थसारथी सेन की पीठ ने टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता यह साबित नहीं कर सका कि निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों के तबादलों के लिए अपनी शक्ति का मनमाने ढंग से इस्तेमाल किया, जिसके परिणामस्वरूप सार्वजनिक हित को कोई नुकसान पहुंचा। पीठ ने कहा कि जनहित याचिका को बनाए रखने के लिए इस मूलभूत तत्व को स्थापित किये बिना, याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि हमारी राय में, स्थानांतरण आदेशों की वैधानिकता, वैधता और औचित्य, जिनसे कोई स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.