पीलीभीत, जून 13 -- पूरनपुर। बंगाली बाहुल्य गांवों के प्रधानों ने मुख्यममंत्री को पत्र भेजकर जातीय वर्गीकरण कराने की मांग की है। इससे ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र सहित अन्य सुविधाओं का लाभ समाज के लोगों को नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा सड़क और पेयजल सहित अन्य समस्याओं के समाधान की मांग रखी गई।

समस्याएं बंगाली अधिकार मंच ने मुख्यमंत्री को समस्याओं को लेकर ज्ञापन भेजा। इसमें कहा गया कि आजादी के बाद पूर्वी पाकिस्तान से आए बंगाली परिवार जनपद के कई जिलों में बाए गए थे। पचास बर्ष बीतने के बावजूद अभी तक विस्थापित परिवारों को जातीय पहचान नहीं मिल सकी है। समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सरकारी योजनाओं और प्रमाणपत्रों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों को ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। जातीय पहचान स्पष्ट न होने ...