वाराणसी, अप्रैल 5 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में शनिवार को ब्लड कैंसर के कारण-निवारण पर मंथन किया गया। अवसर था राष्ट्रीय कार्यशाला का। एमएस प्रो. केके गुप्त ने कहा कि फ्लो साइटोमेट्री लेजर किरणों और रंगीन रासायनिक टैग की मदद से बीमारी की पहचान आसान हो जाएगी। इससे इसका वर्गीकरण किया सकेगा। बारकोड रीडर की तरह यह हर रक्त कोशिका की पहचान चिह्नों के आधार पर स्कैन करेगी। राष्ट्रीय कार्यशाला में डॉक्टरों, पीएचडी शोधार्थियों और वैज्ञानिकों को ब्लड कैंसर की सटीक पहचान की अत्याधुनिक तकनीक की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रो. गुप्त ने कहा कि ल्यूकेमिया या लिम्फोमा के अंदेशे पर कैंसर का प्रकार जानना बेहद जरूरी है। दरअसल, हर कैंसर का इलाज अलग-अलग होता है। फ्लो साइटोमेट्री तकनीक बेहद कारगर तकनीक है। इससे कैंसर की पहचान आसा...