नई दिल्ली, जनवरी 13 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। नई दिल्ली स्थित जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने फ्लैट खरीदार को बड़ी राहत देते हुए बिल्डर कंपनी को पूरी जमा रकम लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने स्पष्ट कहा कि बिना ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट के किसी भी मकान का कब्जा देना कानूनन गलत है। ऐसे मकान को रहने योग्य नहीं माना जा सकता। आयोग की अध्यक्ष पूनम चौधरी और सदस्य शेखर चंद्रा की पीठ ने अपने फैसले में गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी स्थित एक आवासीय परियोजना से जुड़े मामले में बिल्डर को ग्राहक के 29.69 लाख रुपये वापस करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही जमा राशि पर भुगतान की तारीख से 9 फीसदी वार्षिक ब्याज देने को कहा है। मानसिक पीड़ा के लिए उपभोक्ता को दो लाख रुपये मुआवजा और मुकदमे के खर्च के तौर पर 50 हजार रुपये देने का भी आदेश दिया है। आयोग ने साफ क...
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