गुड़गांव, मार्च 20 -- गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। फ्लैट नहीं देने पर हुई मानसिक प्रताड़ना की एवज में बिल्डर की तरफ से फ्लैट खरीदार को दो लाख रुपये का मुआवजा देना होगा। इसके अलावा कानूनी लड़ाई लड़ने की एवज में 50 हजार रुपये का मुआवजा देना होगा। यह आदेश हरियाणा रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (हरेरा) के निर्णायक अधिकारी राजेंद्र सिंह ने जारी किए। नई दिल्ली के आरके पुरम निवासी निशांत मेहरा ने हरेरा में याचिका दायर की थी। यह याचिका रामप्रस्था प्रमोटर्स एंड डिवेलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ थी। मेहरा ने सेक्टर-37डी स्थित रामप्रस्था सिटी के द ऐज टावर में फ्लैट बुक करवाया था। 19 अप्रैल, 2012 को बुक करवाए 1900 वर्ग फीट के इस फ्लैट की एवज में करीब 53 लाख रुपये बिल्डर को देने थे। साल 2016 तक याचिकाकर्ता ने इस बिल्डर को करीब 47 लाख रुपये का भुगत...