लखनऊ, जून 10 -- उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने घर खरीदारों के लिए जरूरी सलाह जारी की है। प्राधिकरण के अनुसार, फ्लैट या अपार्टमेंट खरीदते समय केवल कारपेट एरिया को ही आधार माना जाना चाहिए, क्योंकि यही वास्तव में रहने योग्य क्षेत्र को दर्शाता है। रियल एस्टेट अधिनियम, 2016 के तहत अपार्टमेंट की बिक्री और जानकारी के लिए कारपेट एरिया ही मानक है। सभी प्रमोटरों के लिए अपनी परियोजनाओं के फ्लैटों का कारपेट एरिया यूपी रेरा पोर्टल पर दर्ज करना और बिक्री अनुबंध (सेल एग्रीमेंट) में भी इसी का विवरण देना अनिवार्य है। अक्सर प्रमोटर सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर विज्ञापन करते हैं, जिसमें कॉरिडोर, सीढ़ियां, लिफ्ट और लॉबी जैसी साझा सुविधाएं शामिल होती हैं। यह भी पढ़ें- दिल्ली में लग्जरी फ्लैट्स को क्यों नहीं मिल रहे खरीदार? बढ़ाई गई ...