नई दिल्ली, सितम्बर 24 -- फर्जी फ्रीडम फाइटर प्रमाण पत्र से एमबीबीएस एडमिशन के मामले सामने आने के बाद सरकार ने पिछले सालों में इस कोटे के तहत हुए एडमिशन की भी जांच कराने का निर्णय लिया है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने विभागीय सचिव को इसके निर्देश दिए हैं। सरकार के इस फैसले के बाद अब राज्य में फ्रीडम फाइटर सार्टिफिकेट के आधार पर एमबीबीएस करने वाले डॉक्टर भी जांच के दायरे में आ गए हैं। विदित है कि राज्य में फ्रीडम फाइटर श्रेणी में दो प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण मिलता है और इसके तहत हर साल कॉलेजों में एमबीबीएस में प्रवेश दिए जाते हैं। राज्य में हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज 2005 में शुरू हुआ था। जबकि 2008 में श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू हुई। इसके बाद दून, अल्मोड़ा और हरिद्वार में भी पढ़ाई शुरू हो चुकी है। जबकि इस साल पिथौरागढ़ में भी प्...