अलीगढ़, मई 12 -- अलीगढ़। जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम 1948 के प्रावधानों के तहत बताया है कि 15 जुलाई से 30 सितंबर की अवधि में नदियों, नहरों, प्राकृतिक जलीय संसाधनों से फ्राई, फिंगरलिंग को पकड़ने, नष्ट करने या बेचने और 15 जून से 30 जुलाई तक मत्स्य प्रजनन अवधि में शिकारमाही पर प्रतिबंध है। डीएम अविनाश कुमार के मुताबिक राजस्व विभाग द्वारा नदियों में मत्स्य आखेट के लिए पट्टा या ठेका का अधिकार दिए जाने संबंधी जारी शासनादेश में भी 1 जून से 31 अगस्त तक नदियों में मत्स्य आखेट को प्रतिबंधित किया गया है। इस अवधि में नदियों, जलधाराओं में मत्स्य आखेट एवं अंगुलिकाओं के शिकार को प्रतिबंधित किया जाता है। यह भी पढ़ें- जिले में धारा 163 लागू, बिना अनुमति जुलूस और सभा पर रोक उल्लघंन करने पर एक्ट के प्राविधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह भी पढ़...