फोरेंसिक लैब की बदहाली पर हाईकोर्ट तल्ख, सीएम से हस्तक्षेप का आग्रह
प्रयागराज, जून 5 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में फोरेंसिक लैब की बदहाली पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने एटा निवासी दुष्कर्म व हत्या के आरोपी मनोज की जमानत मंजूर करते हुए कहा कि आदेश की कॉपी मुख्य सचिव को भेजी जाए जो इसे मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाएंगे।कोर्ट ने कहा कि दुष्कर्म और हत्या जैसे जघन्य अपराध में भी वैज्ञानिक सबूत न मिलने के कारण आरोपी को भारी मन से जमानत देनी पड़ रही है। वैज्ञानिक सबूत के अभाव में आरोपी को जेल में रखना उचित नहीं है। साकेत थाने के मामले में तथ्यों के अनुसार गोबर फेंकने गई महिला की 18 नवंबर 2025 को नदी किनारे लाश मिली थी। यह भी पढ़ें- भ्रष्टाचार के मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों की भी तय हो जवाबदेही, हाईकोर्ट क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.