कौशाम्बी, मार्च 26 -- फोरलेन सड़क निर्माण कार्य के चलते मंदर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े कसेंदा गांव में लगा 250 केवीए का ट्रांसफॉर्मर हटाए जाने से बीते दो दिनों से पूरे गांव की बिजली आपूर्ति ठप है। अचानक बिजली कटने से करीब 6000 की आबादी वाले इस गांव में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। बिजली आपूर्ति बाधित होने का सबसे ज्यादा असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। अधिकांश घरों में पानी की आपूर्ति मोटर से होती है, जो बिजली के अभाव में बंद पड़ी हैं। ऐसे में लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। वहीं, बढ़ती गर्मी के बीच बिजली न होने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रांसफॉर्मर हटाने से पहले विभाग ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की, जिससे यह संकट खड़ा हो गया। बिजली न होने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और ...
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