अमरोहा, अप्रैल 29 -- क्लेम का दावा खारिज करने वाली बीमा कंपनी को मीट विक्रेता की पत्नी को पांच लाख रुपये का भुगतान नौ प्रतिशत ब्याज से करना होगा। आयोग ने बीमा कंपनी पर आर्थिक व मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय के रूप में 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामला हसनपुर के मोहल्ला लालबाग से संबंधित था। मोहल्ले में रहने वाले मंसूफ की नगर में मीट की दुकान थी। 25 अप्रैल 2019 को एक सड़क हादसे में उनकी मृत्यु हो गई थी। उनका मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के तहत बीमा भी था। मृत्यु के बाद उनकी पत्नी रेशमा ने क्लेम का दावा किया था, लेकिन बीमा कंपनी ने उनका दावा खारिज कर दिया था। यह भी पढ़ें- लोक अदालत के आदेश पर बीमा कंपनी ने सौंपा चेक इसके लिए कंपनी का तर्क था कि मृतक अविवाहित थे और परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य नहीं थे, साथ ही दावा...