नई दिल्ली, अप्रैल 9 -- चार साल पहले एक UPSC अभ्यर्थी के साथ हुआ मोबाइल ब्लास्ट अब सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर राइट्स की बड़ी मिसाल बन गया है। Union Public Service Commission (UPSC) की परीक्षा देने से ठीक एक दिन पहले उसके फोन में ब्लास्ट हुआ, जिससे वह परीक्षा नहीं दे सका। मामले की सुनवाई के बाद कंज्यूमर फोरम ने स्मार्टफोन कंपनी Realme को 'sub-standard product' के लिए जिम्मेदार ठहराया और पीड़ित को 1.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। कोर्ट का फैसला साफ करता है कि अगर किसी स्मार्टफोन या डिवाइस में मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट साबित हो तो कंपनियों की जिम्मेदारी मानी जाएगी और उन्हें हर्जाना भरना ही होगा। यहां एक बड़ा सवाल उठता है कि क्या हर फोन ब्लास्ट के केस में आपको मुआवजा मिलेगा? इसका जवाब है, बिल्कुल नहीं। अगर आपने क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.