गोंडा, अप्रैल 10 -- गोण्डा, संवाददाता। प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए फॉर्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी है। अब बिना रजिस्ट्री के किसान राजकीय क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं नहीं बेच सकेंगे। शासन के निर्देश के बाद जिला प्रशासन और विपणन विभाग ने क्रय केंद्र प्रभारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी केंद्रों पर पंजीकरण की सुविधा भी शुरू की गई है, ताकि किसानों को राहत मिल सके। विभाग के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने फॉर्मर रजिस्ट्री कराई है। इससे वास्तविक किसानों की पहचान सुनिश्चित होगी और बिचौलियों पर लगाम लगेगी। जिले में अब तक करीब 3.68 लाख किसानों ने रजिस्ट्री कराई है, जो कुल किसानों का लगभग 78 प्रतिशत है। शेष किसानों के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा ...