नई दिल्ली, मार्च 17 -- प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि पारिवारिक अदालतों के लिए बच्चों के मन से 'मनोवैज्ञानिक डर' को दूर करना बहुत महत्वपूर्ण है और इसके लिए न्यायालयों के पारंपरिक कामकाज में कुछ बदलाव लाने होंगे। उन्होंने सवाल किया, ''क्या पारिवारिक अदालतों में ये काले कपड़े होने चाहिए...क्या यह बच्चे में या बच्चे के मन में मनोवैज्ञानिक भय पैदा नहीं करेगा?' सीजेआई सूर्यकांत ने सुझाव दिया कि पारिवारिक अदालतों में पीठासीन जजों और वकीलों को वर्दी में नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा, ''मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि हमें किसी विचार को विकसित करने की कोशिश क्यों नहीं करनी चाहिए? आखिर यह सिर्फ एक विचार ही तो है।' सीजेआई ने कहा, ''पारिवारिक अदालतों में उपस्थित आप सभी के लिए, हमारे पीठासीन अधिकारी अदालती पोशाक में नहीं बैठेंगे...