मुरादाबाद, मार्च 24 -- आय, उम्र और खेती के मालिकाना हक के विवरण ने वृद्धावस्था पेंशन पाने वाले हजारों को संदिग्ध की श्रेणी में डाल दिया है। शासन की ओर से जिला समाज कल्याण अधिकारी को छानबीन के आदेश दिए गए हैं। जनपद में 2018 लाभार्थी जांच के दायरे में आ गए हैं। समाज कल्याण विभाग के आंकड़े के अनुसार जनपद में 57757 वृद्धावस्था पेंशनर हैं। पेंशन पाने की पात्रता के लिए गांव में आवेदक की सालाना आमदनी 46,080 और शहर के नागरिक के लिए यह सीमा 56460 रुपये है। सूत्रों का कहना है कि घर के मुखिया के नाम जारी होने वाले आय प्रमाण पत्र की वजह से कई पात्र अब संदेह की परिधि में आ गए हैं। दो हेक्टेयर तक भूमि के स्वामी भी पेंशन नहीं पाएंगे। आधार कार्ड के प्रयोग के आधार पर ऐसे लोगों के नंबर ऑनलाइन हो गए हैं। जिला समाज कल्याण अधिकार पंखुरी जैन का कहना है कि मुख्...