फेरे पूरे कागज अधूरे अधिकारों से वंचित कर सकती है बिना पंजीकरण की शादी
लखनऊ, जून 28 -- विष्णु बाजपेई, रायबरेली। शास्त्रों में विवाह को सात जन्मों का बंधन कहा गया है लेकिन कानून की नजर में यह बंधन तभी मान्य होता है जब उसका लिखित प्रमाण हो। सर्वोच्च न्यायालय ने भी बार-बार विवाह पंजीकरण पर जोर दिया है लेकिन रायबरेली जिले में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। यहां हर साल तीस हजार से अधिक विवाह होते हैं जबकि पंजीकरण मात्र छह से सात सौ जोड़े ही कराते हैं। सीधे शब्दों में कहें तो सौ में से केवल दो विवाह ही पंजीकृत होते हैं और अट्ठानबे बिना किसी कानूनी दस्तावेज के अधूरे रह जाते हैं। जिले के चौंकाने वाले आंकड़े
वर्ष 2025 में स्थिति वर्ष 2025 में रायबरेली के पैंतीस होटलों और तीस लॉन में तेरह सौ से अधिक शादियां हुईं जिनमें से केवल इकतालीस जोड़ों ने पंजीकरण कराया। ऊंचाहार में छह सौ शादियों में से तैंतीस, सलोन में पांच सौ में...
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