गुमला, जून 23 -- भरनो प्रतिनिधि ग्रामीण महिलाओं को हांडी-दारू के कारोबार से बाहर निकालकर स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित फूलों झानो योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रखंड में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के माध्यम से लगभग 313 महिलाओं को इस योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराया गया है, लेकिन इसके बावजूद कई महिलाएं आज भी हांडी-दरू के धंधे में संलिप्त हैं।जानकारी के अनुसार योजना के प्रारंभिक चरण में महिलाओं को 10 हजार रुपये का ऋण दिया जाता था, जिसे बढ़ाकर अब 25 हजार रुपये कर दिया गया है। इस योजना का उद्देश्य उन महिलाओं को वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराना है, जो स्थानीय हाट-बाजारों में हांडी-दरू बनाकर और बेचकर जीविकोपार्जन करती हैं।प्रशासन यह भी पढ़ें- राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना : पूर्णिया जिले में अब त...