बरेली, दिसम्बर 13 -- बरेली। महानगर स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में हो रही श्रीमद्भागवत कथा का शुक्रवार को फूलों की होली के साथ विश्राम हुआ। कथा व्यास आचार्य मुकेश मिश्रा ने कहा कि पाने की चिंता ने हमारे जीवन को अशांत कर रखा है। यदि सुखी रहना है तो सदैव प्रभु का आभार व्यक्त करें कि जो दिया बहुत दिया। पहली रोटी सदैव गौमाता को खिलाएं। गौमाता को पहली रोटी खिलाने से तैंतीस कोटि देवी देवता प्रसन्न होते हैं। कथा व्यास ने कहा कि भागवत कथा समाप्त नहीं होती है। यह विश्राम लेती है। आज यहां विश्राम लिया तो कल कहीं और प्रारंभ हो जाएगी। इसलिए कथा को कभी समाप्त नहीं कहना चाहिए। कथा के दौरान आचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण के 16108 विवाह, सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष, शुकदेव बाबा की विदाई आदि प्रसंग सुनाए। मुख्य यजमान बाबूराम गंगवार, राजकुमारी, अंकुर, शक्ति ...
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