नई दिल्ली, जून 12 -- मनोज चतुर्वेदी, वरिष्ठ खेल पत्रकार अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की मेजबानी में फीफा विश्व कप के शुरू होते ही पूरी दुनिया फुटबॉलमय होने लगी है। जाहिर है, हमारा देश भी इसमें पीछे नहीं रहने वाला। करोड़ों फुटबॉल प्रेमी भारतीय अब रातों में जाग-जागकर इस विश्व कप के मैच देखेंगे और दिन भर उनकी चर्चा करते नजर आएंगे। पर हर चार साल पर जब-जब यह आयोजन होता है, तब-तब एक सवाल जरूर पूछा जाता है कि भारत विश्व कप में क्यों भाग नहीं ले पाता है? जब देश में फुटबॉल के प्रति इस कदर लगाव है, तो इसका देश में फुटबॉल स्तर सुधारने में हम इस्तेमाल क्यों नहीं कर पाते हैं? सच्चाई यह है कि विश्व कप में भाग लेना तो दूर, हम एशियाई स्तर पर भी अब कहीं नहीं ठहरते हैं। फुटबॉल में भारत के पिछड़े होने के कई कारण हैं। इनमें बुनियादी ढांचे की कमी, खेल संस्थाओं ...