उरई, अप्रैल 6 -- उरई, संवाददाता। जनपद में निजी विद्यालयों की फीस व्यवस्था को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने सम्बंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इससे अभिभावकों को काफी राहत मिलेगी। इसके साथ ही बीच सत्र में फीस में कोई इजाफा नहीं होगा। उत्तर प्रदेश शुल्क विनियमन अधिनियम-2018 एवं संशोधन-2020 के तहत लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक भार से राहत दिलाना है। इसके अनुसार अब जनपद के सभी मान्यता प्राप्त विद्यालय चाहे वे बेसिक, माध्यमिक, सीबीएसई या आईसीएसी बोर्ड से संबंधित हों, को नए शैक्षणिक सत्र से पहले अपनी फीस संरचना पूरी तरह सार्वजनिक करनी होगी। प्रत्येक विद्यालय को प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से कम से कम 60 दिन पहले अपनी वेबसाइट एवं नोटिस बोर्ड पर फीस का विस्तृत विवरण प्...
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