हेमलता कौशिक, मार्च 30 -- दिल्ली हाईकोर्ट में निजी स्कूलों की फीस नियंत्रण कानून को लेकर सुनवाई चल रही है। स्कूलों ने दिल्ली सरकार के 2025 के नए फीस नियम को चुनौती दी है, जिसे वे अपने अधिकारों का उल्लंघन मानते हैं। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि यह कानून शिक्षा के व्यवसायीकरण और मुनाफाखोरी को रोकने के लिए जरूरी है। अदालत ने फिलहाल नई फीस कमेटी बनाने पर रोक लगा दी है। अदालत ने स्कूलों को पुराने सत्र वाली फीस ही लेने को कहा है। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदेशों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर दिल्ली सरकार अवमानना का मामला चला सकती है।एक बार में खत्म करना चाहते हैं मामला मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने कहा कि वह मामले को एक बार में खत्म करना चाहती है। इसीलिए याचिका को शनिवार को सुनवाई के लि...