कटिहार, मई 16 -- कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि जिले में निजी विद्यालयों और निजी शैक्षणिक संस्थानों की मनमानी पर अब शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपना लिया है। बढ़ती शिकायतों के बीच सरकार ने साफ कर दिया है कि शिक्षा को व्यवसाय नहीं बनने दिया जाएगा। नए निर्देश के तहत कोई भी निजी स्कूल फीस बकाया रहने के कारण छात्र-छात्राओं को कक्षा, परीक्षा या परीक्षा परिणाम से वंचित नहीं कर सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले संस्थानों की संबद्धता और निबंधन रद्द करने तक की कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग ने सभी निजी विद्यालयों को नो प्रॉफिट, नो लॉस सिद्धांत पर संचालित करने का निर्देश दिया है। विभाग का मानना है कि निजी विद्यालय समाज सेवा का माध्यम हैं, न कि कमाई का कारोबार। हाल के दिनों में अभिभावकों की ओर से लगातार मनमानी फीस वृद्धि, पुनर्नामांकन शुल्क, किताब और यूनि...