इटावा औरैया, मार्च 23 -- फिशर वन फोरेस्ट की संरक्षित वन भूमि में बनी मजार को लेकर प्राधिकृत अधिकारी वन विभाग न्यायालय में चल रहे मामले की सुनवाई सोमवार को हुई। प्राधिकृत अधिकारी ने पक्षकारों को भूमि संंबंधी अभिलेख 28 मार्च तक उपलब्ध कराने की मोहलत दी है। वन न्यायालय में कथित सेनापति शमशुद्दीन की मजार के वन संरक्षित भूमि में होने के कारण ध्वस्तीकरण का वाद विचाराधीन है। सोमवार को सुनवाई में देखरेख करने वाले फजले इलाही और उनके अधिवक्ता वन विभाग के न्यायालय में नही पहुंचे। दूसरे पक्षकार गुलशेर अहमद अपने अधिवक्ता शेखर सक्सेना एवं अनुज तिवारी के साथ पहुंचे। अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा उन्होंने कहा कि वे इस केस से कुछ दिन पहले ही जुड़े हैं इसलिए उन्हें कागजात देखने के लिए समय दिया जाए। डीएफओ विकास नायक ने उन्हें अपना पक्ष और शपथ पत्र देने के लिए ...