नई दिल्ली, मार्च 31 -- अक्सर जब हम पर्दे पर अपने पसंदीदा किरदारों को कूल टैटू के साथ देखते हैं, तो हमें लगता है कि यह परमानेंट होंगे या फिर बस मेकअप से बना दिए गए होंगे। लेकिन हकीकत में इन टैटू के पीछे एक पूरी टीम की कड़ी मेहनत और एडवांस टेक्नोलॉजी होती है। एक फिल्म की शूटिंग 4 महीने से लेकर 4 साल तक चल सकती है। इस लंबे वक्त के दौरान सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि टैटू हर दिन, हर सीन और हर शॉट में शरीर के उसी हिस्से पर, उसी एंगल और उसी चमक के साथ नजर आए। अगर टैटू की पोजिशन एक इंच भी इधर-उधर हुई, तो फिल्म की कंटिन्युटी बिगड़ सकती है, और ऐसी चीजों को दर्शक तुरंत पकड़ लेते हैं।एक्वामैन के लिए इस्तेमाल हुई थी 3D मैपिंग जाहिर तौर पर ये टैटू टेंपोरेरी होते हैं लेकिन फिल्मों में परफेक्शन हासिल करने के लिए अब टैटू आर्टिस्ट हाईटेक टूल्स का सहारा ल...
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