गोंडा, अप्रैल 8 -- करनैलगंज (गोंडा)। तहसील क्षेत्र में पिछले दो दिनों से मौसम के बदले मिजाज ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बेमौसम आंधी और हल्की बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। साल भर की कड़ी मेहनत के बाद तैयार खड़ी गेहूं की फसल को घर तक सुरक्षित पहुंचाने में अब कुदरत रोड़ा अटका रही है। क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आंधी के कारण गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। वहीं, हल्की बारिश ने कटी हुई फसल और कटी फसल के बंधे बोझ को भिगो दिया है। किसानों का कहना है कि गेहूं की मड़ाई (थ्रेशिंग) के लिए तेज धूप और सूखी फसल की जरूरत होती है, लेकिन नमी के कारण थ्रेशर मशीनों का पहिया थम गया है। जिन किसानों ने फसल काट ली है, वे उसे तिरपाल से ढककर बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। बारिश और नमी के कारण न केवल अनाज की गुणवत्ता पर असर पड़ रह...