नई दिल्ली, जुलाई 9 -- भारत की तीन सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनियां HPCL), BPCL और इंडियन ऑयल IOCL चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) में भारी नुकसान झेल सकती हैं। ब्रोकरेज फर्मों का अनुमान है कि इन तीनों कंपनियों का संयुक्त EBITDA घाटा करीब Rs.47,700 करोड़ तक पहुंच सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में तेज उछाल, एलपीजी सिलेंडर पर बढ़ी अंडर-रिकवरी, रुपये की कमजोरी और पेट्रोल-डीजल पर घटता मुनाफा है। कंपनियों को महंगा कच्चा तेल खरीदना पड़ा, लेकिन वे उसकी पूरी लागत ग्राहकों पर नहीं डाल सकीं, जिससे उनके मार्जिन पर भारी दबाव आया। यह भी पढ़ें- पाकिस्तान के शेयर बाजार में त्राहिमाम, 6700 अंक से ज्यादा टूटा इंडेक्स यह भी पढ़ें- बीमार मानसिकता वाले लोग.ट्रंप का वो बयान जिससे भरभरा गय...