कानपुर, जून 17 -- कानपुर वरिष्ठ संवाददाता हिजरी वर्ष 1448 के पहले माह मोहर्रम की पहली तारीख बुधवार को इमाम बारगाह नवाब दूल्हा से जरी के साथ जुलूस निकाला गया। यह जुलूस प्रयाग नारायण शिवाला तक गया और थोड़ी देर कयाम (रुकना) के बाद वापस इमाम बारगाह में लौट आया। जुलूस में लोग मातम करते चल रहे थे। हर ओर गूंज रहा था, फिर चांद मोहर्रम का नमूदार हुआ है और चाक दिले अहमदे मुख्तार हुआ है। यह भी पढ़ें- शहर काजी ने मोहर्रम गाइड लाइन जारी कीजुलूस का आयोजन पटकापुर से निकाले गए अलम-जुलूस में बड़ी संख्या में सोगवार शामिल थे जो काले कपड़े पहने थे और नंगे पांव मातम करते चल रहे थे। यह जुलूस 159 वर्ष से नवाब दूल्हा के नाम से उठाया जा रहा है। इस जुलूस अलम में अंजुमन रिजविया के साहिबे ब्याज नवाब मुमताज, परवेज जैदी और इब्ने हसन बब्लू नोहा ख्वानी कर रहे थे। जुलूस ...