रुद्रपुर, मार्च 27 -- गदरपुर, संवाददाता। क्षेत्र के मजरा शीला गांव में मुस्लिम समाज की बैठक हुई। इसमें सामाजिक सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण मसलों पर मंथन किया गया। बैठक में खास तौर पर तीजा, दसवां, बीसवां और चालीसवां (इसाल-ए-सवाब) के मौकों पर बनने वाले खाने को लेकर बहस-मुबाहिसा हुआ। मौजूद उलेमा और समाज के ज़िम्मेदार लोगों ने इस रिवायत पर रोक लगाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और इसे गैर-ज़रूरी खर्च बताते हुए इससे परहेज़ की अपील की। टोनी पठान ने कहा कि समाज में इस्लाही मुहिम की सख्त ज़रूरत है, ताकि लोग दीन-ए-इस्लाम की असल तालीमात को समझें और गैर-ज़रूरी रस्मों-रिवाज से दूरी बनाएं। उन्होंने कहा कि इस मुहिम की शुरुआत गदरपुर से की जा रही है और इसे आगे भी जारी रखा जाएगा। इस्लाम सादगी और सहूलत का दीन है, इसमें दिखावे और फिजूल खर्ची की कोई गुंजाइश नहीं है।...
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