नई दिल्ली, अक्टूबर 7 -- देश में नेशनल हाईवे के निर्माण और ट्रैफिक प्रबंधन की पुरानी परिपाटी बदलने जा रही है। अब हाईवे पर घंटों लंबे जाम और हादसों का इंतजार करने के बजाय सरकार फास्टैग और वाहन डेटाबेस की मदद से एडवांस प्लानिंग करेगी। इसके तहत किसी हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से दो-तीन साल पहले ही उसके चौड़ीकरण (4-लेन से 6 या 8-लेन) या बाईपास निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फास्टैग अब सिर्फ टोल वसूली का जरिया नहीं रहेगा। इसके डेटा का उपयोग ट्रैफिक पैटर्न, गाड़ियों की रफ्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग में किया जाएगा। वर्तमान में किसी हाईवे सेक्शन पर वाहनों की संख्या उसकी कुल क्षमता (पैसेंजर कार यूनिट-पीसीपू) के 75 से 80 प्रतिशत तक पहुंचेगी तो डिजिटल सिस्टम ऑटोमैटिक तरीके स...