उन्नाव, फरवरी 16 -- उन्नाव। अभी फाल्गुन का महीना पूरी तरह चढ़ा भी नहीं है, लेकिन सूरज की दोपहर की तपिश मार्च-अप्रैल जैसी गर्मी का अहसास करा रही है। इससे अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो रही हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी में अचानक बढ़ा तापमान गेहूं की पैदावार को प्रभावित कर सकता है। जिले में पिछले सप्ताह से साफ आसमान और तेज धूप के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। अधिकतम तापमान 28-29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 14-15 डिग्री के आसपास है। दिन-रात के इस भारी अंतर ने आमजन को परेशान कर दिया है। मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव का सबसे बुरा असर रबी की मुख्य फसल गेहूं पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। धौरा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक जय यादव के मुताबिक, फरवरी में ही गर्मी बढ़ना फसल के लिए घातक हो सकता है। यदि तापमान इसी...
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