दुमका, मार्च 6 -- जरमुंडी, प्रतिनिधि। फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर बाबा बासुकीनाथ और माता पार्वती कोहबर निवास से बाहर निकले। बता दें कि महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य पर भगवान नागेश बासुकीनाथ और माता पार्वती का विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ था। बासुकीनाथ में शिवविवाह के पश्चात एक पक्ष तक कोहबर की परंपरा का प्रचलित है। परंपरा के अनुसार मंदिर में बाबा बासुकीनाथ और माता पार्वती के विश्राम के लिए कोहबर बनाया गया था। मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि से होली पर्यंत माता पार्वती और भगवान भोलेनाथ संग-संग निवास करते हैं। यह रस्म होली पर्यंत चलता है। होली के दिन विधि विधान से कोहबर की रस्म का समापन हुआ। श्रद्धालु महिलाओं द्वारा सभी रस्म संपन्न किया गया। इसके साथ ही बाबा बासुकीनाथ मंदिर के गर्भगृह में भगवान भोलेनाथ के विश्राम हेतु लगाए गए बिछावन और पलंग को निका...