नई दिल्ली, अक्टूबर 5 -- भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने सोमवार को कहा कि मददाता सूची में नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले फार्म-6 में कभी कोई बदलाव नहीं किया गया था बल्कि इसके साथ एक घोषणा-पत्र (डिक्लेरेशन) जोड़ा गया था। यह घोषणा-पत्र बिहार ‌में पिछले साल कराए गए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) आदेश के तहत जोड़ा गया था। निर्वाचन आयोग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर की पूरी प्रक्रिया को सही ठहराया था। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का यह बयान मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) की उस टिप्पणी के कुछ ही देर बाद आया, जिसमें कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने फार्म-6 में किसी भी बदलाव को मंजूरी नहीं दी है। यह भी पढ़ें- फार्म-6 में कभी कोई बदलाव नहीं हुआ- निर्वाचन आयोगनिर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस सांसद व लोकसभा में नेता ...