बाराबंकी, मार्च 25 -- सआदतगंज। त्रिलोकपुर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल विभागीय उपेक्षा का शिकार हो गया है। अस्पताल की छत व दीवारों का प्लास्टर गिरने लगा है। फर्श काफी समय टूटी पड़ी है। भवन का रंग-रोगन न होना अपनी बदहाली का दर्द खुद बयां कर रही है। यही नहीं स्टाफ के साथ पर्याप्त संसाधन व दवाओं का भी अभाव बना रहता है। जिससे ग्रामीणों का आयुर्वेदिक अस्पताल से मोहभंग हो रहा है। तहसील रामनगर के त्रिलोकपुर में बना राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। दो कमरों में संचालित राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में चिकित्सकों की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। चिकित्सक की अनुपस्थिति में फार्मासिस्ट ही मरीजों की जांच कर इलाज कर रहे हैं।यहां तैनात चिकित्सक अक्सर गायब रहते हैं। पूछने पर डॉक्टर की अन्य अस्पताल में ड्यूटी या उनके अवकाश पर ...