गंगापार, अप्रैल 22 -- फार्मर रजिस्ट्री में गाटा सत्यापन के कारण परिवारिक हिस्सा के अनुसार जमीन का रजिस्ट्रेशन होने से किसान कम गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच पा रहे थे , लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता फिलहाल खत्म किये जाने से खतौनी के आधार पर किसान पुराने ढंग से अपने गेहूं को क्रय केंद्रों पर बेच रहे हैं। मांडा क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसानों ने जानकारी दी कि फार्मर रजिस्ट्री में हिस्सेदारी के सत्यापन के कारण परिवार में बंटी जमीन का ही उल्लेख होता है। हिस्सेदारी के बाद जमीन कम हो जाने से वे सरकारी क्रय केंद्रों पर अपने गेहूं भी खेत के अनुसार ही कम मात्रा में बेच पाते थे। यह भी पढ़ें- फार्मर रजिस्ट्री में छूट से गेहूँ खरीद में आई तेजी दो दिन पहले प्रदेश सरकार द्वारा फिलहाल गेहूं क्रय केंद्रों के लिए फार्मर...
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