लखीसराय, जून 5 -- मनीष कुमार, लखीसराय। स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर जिले में संचालित छोटे-बड़े निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों में मरीजों का इलाज तो किया जा रहा है, लेकिन आग जैसी आपदा से निपटने की तैयारी बेहद कमजोर दिखाई देती है। जिले में संचालित 100 से अधिक छोटे-बड़े मेडिकल संस्थानों में से अधिकांश में फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं हो रहा है। ऐसे में किसी भी बड़ी दुर्घटना की स्थिति में मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मियों की जान खतरे में पड़ सकती है। मुजफ्फरपुर में आईसीयू में आग लगने की घटना के बाद जब लखीसराय में अस्पतालों की पड़ताल की गई तो यह बातें सामने आई। यह भी पढ़ें- कैमूर के 50 अस्पतालों में आग बुझाने का मुकम्मल प्रबंध नही शहर में लगातार बहुमंजिला भवनों में अस्पताल और क्लीनिक संचालित हो रहे हैं, लेकिन इनमें आग से बचाव...