चम्पावत, मई 24 -- चम्पावत। जिले में फायर सीजन के दौरान वन विभाग के भिंगराड़ा रेंज की ओर से अपनाया गया मॉडल दावाग्नि से निपटने में मददगार साबित हो रहा है। भिंगराड़ा रेंज में महिलाओं की ओर से वन सुरक्षा समितियों के माध्यम से वनों में आग लगने का मुख्य कारण बनने वाली चीड़ की पत्तियों (पिरूल) एकत्रीकरण का कार्य किया जा रहा है। साथ ही फायर सीजन से पूर्व वन विभाग की ओर से चीड़ के जंगलों में फायर लाइन बनाने के कारण वनाग्नि की घटनाओं में कमी आई है। गौरतलब है कि भिंगराड़ा रेंज में गर्मी के मौसम में जंगलों को भीषण आग और सूखने से बचाने के लिए वन विभाग के कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। वे सड़कों के किनारे एवं जंगलों में चीड़ की सूखी पत्तियों को साफ कर रहे हैं, जो आग भड़काने का मुख्य कारण होती हैं। इसके अलावा, फायर लाइन बनाने और ग्रामीणों को जागरूक...