फायरिंग के बीच अपने कई बेटे खोकर भी फहरया था हापुड़ में तिरंगा
हापुड़, अगस्त 9 -- हापुड़ के धौलाना में जहां आजादी के लिए एक इतिहास वहां के वीर सपूतों ने लिखा है तो हापुड़ की धरती पर भी अंग्रेजों से जमकर सामना किया गया था। भारत छोड़ो आंदोलन के चलते शहर के अतरपुरा चौपले पर 9 अगस्त की शाम को सात बजे निकल रहे जुलूस पर अंग्रेजी हुकुमत ने फायरिंग शुरू करा दी थी। फायरिंग से शहर दहल गया था लेकिन हापुड़वासियों ने चार मौत होने के बाद भी पोस्ट ऑफिस पर तिरंगे को लहरा दिया था। 9 अगस्त 1942 में आजादी के लिए देशवासियों को सकारी दफ्तरों पर तिरंगा फहराना था। जिसके चलते पूरे देश में जुलूस निकाले जा रहे थे। हापुड़ के अतरपुरा चौपला पर शाम को सात बजे अंग्रेजी हुकुमत ने जुलूस पर गोलियां बरसा दी थी जिसमें चार की मौत हुई थी जबकि एक स्वतंत्रता सेनानी ने घायलावस्था में दौड़कर पोस्ट ऑफिस पर तिरंगा लहराया था। आज भी गोलियों के निशान उ...
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