एटा, अप्रैल 30 -- श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों का आंकड़ा भले ही लाखों में हो, लेकिन धरातल पर पसीना बहाने वाले अधिकांश मजदूरों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ लेना आज भी किसी सपने से कम नहीं हैं। जिले में कुल 1.17 लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जिले की गल्ला मंडियों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में हाड़तोड़ मेहनत करने वाले अधिकांश श्रमिकों को पता तक नहीं है कि उनके हक के लिए सरकार कौन-कौन सी योजनाएं चला रही है। श्रम विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल एक लाख 17 हजार 869 श्रमिक पंजीकृत हैं। नियमतः इन सभी को श्रम विभाग समेत अन्य विभागों द्वारा संचालित सभी प्रकार की सरकारी योजनाओं का पात्र होना चाहिए, लेकिन तकनीकी खामियों, प्रचार प्रसार की कमी और नवीनीकरण की प्रक्रिया के चलते इनमें से मात्र 90 हजार श्रमिक ही प...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.