भागलपुर, मई 12 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। शहर को स्वच्छ और स्मार्ट बनाने के बड़े-बड़े दावे उस समय खोखले नजर आने लगे जब नगर निगम के पदाधिकारियों की सुस्ती के कारण करोड़ों की सफाई योजनाएं ठंडे बस्ते में चली गईं। छह माह पूर्व जिन संसाधनों की खरीद के लिए सशक्त स्थाई समिति द्वारा प्रस्ताव पारित किए गए थे, आज उनका कहीं अता-पता नहीं है। निगम प्रशासन की इस भूलने की बीमारी का खामियाजा शहर की सफाई व्यवस्था को भुगतनी पड़ रही है।

सफाई संसाधनों की योजना ​करीब छह माह पहले निगम की बोर्ड बैठक में शहर की सूरत बदलने के लिए आधुनिक संसाधनों की खरीद का खाका तैयार किया गया था। इसके लिए करोड़ों की राशि का बजट भी आवंटित हुआ। योजना के तहत हाइड्रोलिक वाहन और सड़कों से धूल हटाने के लिए वाटर स्प्रिंकलर खरीदे जाने थे। साथ ही, सार्वजनिक आयोजनों के लिए मोबाइल टॉयलेट ...