पूर्णिया, जून 11 -- जलालगढ़, एक संवाददाता। किसानों की आय बढ़ाने और मिट्टी की सेहत सुधारने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद पटना के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को अमौर प्रखंड के बकेनिया बरैली और मच्छहटा गांव में किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने किसानों को फसल विविधीकरण, प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाने की सलाह दी। आईसीएआर पटना से आए वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक कुमार ने कहा कि किसान केवल पारंपरिक फसलों पर निर्भर न रहें। दलहनी, तिलहनी एवं अन्य नकदी फसलों को खेती में शामिल करने से न केवल आय के नए स्रोत विकसित होंगे, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। यह भी पढ़ें- जैविक खेती और संतुलित पोषण प्रबंधन पर किसानों को किया जागरूक उन्होंने बताया कि मूंग ...