कुशीनगर, अप्रैल 22 -- पडरौना, निज संवाददाता।उप निदेशक कृषि अतिन्द्र सिंह जनपद के समस्त किसानों से फसल अवशेष कदापि न जलाने की अपील की है। फसल अवशेष जलाने से एक ओर पर्यावरण प्रदूषित होता है, वहीं मृदा की उर्वरता एवं मानव, पशु तथा जीव-जंतुओं के स्वास्थ्य पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है। इसके स्थान पर किसान फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रों का उपयोग कर अवशेषों को मिट्टी में मिलाकर खाद के रूप में परिवर्तित करें, जिससे मृदा स्वास्थ्य संरक्षित रहे और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके।उन्होंने बताया कि फसल अवशेष जलाने से खेतों में उपलब्ध पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं तथा मृदा के भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुण प्रभावित होते हैं। यह भी पढ़ें- फसल अपशिष्ट खेत में जलाने पर होगी कार्यवाही- एसडीएम मृदा में रहने वाले लाभदायक सूक्ष्म जीव एवं मित्र कीट भी नष्ट हो जाते...
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