उरई, मार्च 17 -- उरई। कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित माइक्रोइरीगेशन गोष्ठी में सौ किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उनको बेहतर उत्पादन के लिए फसल चक्र अपनाने के साथ ही प्रतिरोधी प्रजातियों की खेती पर जोर दिया गया साथ ही नई तकनीकों को अपनाने की सलाह दी गई। मंगलवार को कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित गोष्ठी के दौरान प्रगतिशील किसान लक्ष्मीनारायण चतुर्वेदी ने कहा कि पानी की अधिकता होने पर लोगों द्वारा खेती में ज्यादा पानी का प्रयोग किया जाता है जबकि कम या अधिक दोनों ही मात्रा में पानी पौधों के विकास में बाधक है। उन्होंने कहा कि इस पर ध्यान देना होगा कि पानी उर्वरक खाद व बीज की मात्रा में संतुलन जरूरी है। इसके लिए किसान कृषि, उद्यान विभाग के माध्यम से संचालित योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष मोहम्मद मुस्तफा ने ऐ...
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