प्रयागराज, जनवरी 5 -- प्रयागराज, संवाददाता। मौजूदा समय में बढ़ती महंगाई और खेती की लागत को देखते हुए राष्ट्रीयकृत बैंकों ने फसल ऋण की सीमा में वृद्धि का फैसला लिया है। इस कदम से उन छोटे किसानों को लाभ मिलेगा जो खेती के लिए बैंकों पर निर्भर हैं। खेती में लगने वाली सामग्री खाद, बीज, कीटनाशक और मजदूरी की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रति हेक्टेयर करीब 35 हजार रुपये की वृद्धि की गई है। पहले यह सीमा 1.10 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर थी जिसे अब बढ़ाकर 1.45 लाख रुपये करने का फैसला लिया गया है। नाबार्ड और जिला स्तरीय तकनीक समिति ने खेती उत्पादन लागत का सर्वेक्षण करने के बाद इस वृद्धि को हरि झंडी दिखाई है। इसका मुख्य उदेश्य किसानों को निजी साहूकारों के चंगुल से बचाना और उन्हें खेती के लिए संस्थागत ऋण उपलब्ध कराना होगा। अपर जिला कृषि अधिकारी विकास मिश्रा ने ब...
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