बिजनौर, नवम्बर 7 -- कृषि विज्ञान केंद्र नगीना के डॉ. केके सिंह वैज्ञानिक ने 3 से 7 नवंबर तक पांच दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का आयोजन फसल अवशेष प्रबंधन विषय पर किया गया। फसल अवशेष प्रबंधन संबंधित जो भी कृषि यंत्र हैं उत्तर प्रदेश एवं भारत सरकार द्वारा जो भी सुविधाएं, उस पर कितने पर्सेंट की छूट है, कैसे उसको किसान ले सकते हैं इसके बारे में विस्तृत रूप से पूरी जानकारी दी गई। फसलों के अवशेषों को जलाने से होने वाले दुष्परिणामों का मानव स्वास्थ्य, मृदा स्वास्थ्य, एवं पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ रहा है एवं कैसे बचा जा सके, के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। किसान साथियों को फसल के अवशेषों का प्रयोग अपने आर्थिक समृद्धि के लिए कर सकते हैं जैसे उससे विभिन्न तरह के उत्पाद बनाए जा सकते हैं एवं फसल के अवशेषों पर मशरूम की गुणवत्ता युक्त खेती की जा सकती है। ...
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