फरीदाबाद, मार्च 13 -- पलवल। जिलाधीश एवं उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने गेहूं व अन्य फसलों की कटाई के सीजन को ध्यान में रखते हुए पूरे जिले में फसल अवशेष (पराली) जलाने पर तुरंत प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। जारी आदेशों में जिलाधीश ने स्पष्ट किया कि फसल कटाई के बाद अवशेषों को जलाना कानूनन अपराध है और यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। पराली जलाने से निकलने वाला जहरीला धुआं वायु प्रदूषण को बढ़ाता है, जिससे सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा खेतों में आग लगाने से मिट्टी के लिए लाभकारी कीट भी नष्ट हो जाते हैं, जिससे जमीन की...
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