गंगापार, जनवरी 3 -- छुट्टा पशुओं व नीलगायों ने किसानों की नींद हराम कर रखी है। शिकायत के बावजूद इन पशुओं से किसानों को छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। किसान ठंडी रात में फसल की रखवाली करने में जुटे हैं। बारा दशरथपुर गांव के लाल बहादुर यादव, परानीपुर के इन्द्रेश कुमार ने बताया कि खेत में लहालहा रही, गेंहू, जौ, अरहर सहित अन्य फसलों में छुट्टा पशु व नीलगाय घुस जाते हैं, जानकारी होने पर जब तक किसान खेत पहुंचता है, पशु उसे रौंद चुके होते हैं। गंगा के तराई इलाके के विभिन्न गांवों के किसान सबसे अधिक नीलगायों के कहर बरपाने से उबर नहीं पा रहे हैं। इन पशुओं की वजह से किसानों ने अपने खेत में अरहर, चना जैसी दलहन की फसल बोना छोड़ दिया है। इसके अलावा आलू की खेती व्यापक पैमाने पर होती रही, अब आलू की बोआई पहले जैसी नहीं रह गई, जिन किसानों ने अपने घरों के आसपा...
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