बांदा, अगस्त 23 -- बांदा। बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि में अखिल भारतीय समन्वित खरपतवार प्रबंधन शोध परियोजना के अंतर्गत गाजर घास जागरूकता सप्ताह मनाया गया। विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शोधार्थियों को गाजरघास के दुष्प्रभावों, पहचान, प्रबंधन एवं नियंत्रण के प्रति जागरूक किया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर द्वारा तैयार की गई गाजरघास संबंधी जागरूकता फिल्म दिखाई गई। कृषि महाविद्यालय के प्रो. जीएस. पंवार ने बताया गाजरघास (पार्थेनियम घास) कहते हैं, तेजी से फैलने वाला खरपतवार है, जो खेतों में फसलों के साथ फैल कर वृद्धि एवं उत्पादकता को प्रभावित करता है। इसके बीज बड़ी संख्या में बनते हैं और लंबे समय तक मिट्टी में जीवित रह सकते हैं। गाजरघास का प्रभाव केवल कृषि तक सीमित नहीं है। इसके संपर्क में आने से संवेदनशी...