आजमगढ़, अगस्त 25 -- आजमगढ़, संवाददाता। फसलों और मवेशियों को बीमारियों से बचाने के लिए अब उनकी डिजिटल निगरानी होगी। रोग शुरू होने से पहले उपचार होने से क्षति कम होगी। इसके लिए खेतों और पशुशालाओं में डोम कैमरे लगाए जाएंगे। यह कैमरा दिखाई न देने वाले रोग और कीटों की भी मॉनीटरिंग कर लेगा। अभी तक सुरक्षा और निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा का प्रयोग होता है। अपराध को रोकने और जटिल घटनाओं की गुत्थी सुलझाने में सीसीटीवी कैमरे बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। अब पशुओं और फसलों की डिजिटल निगरानी की जाएगी। इसके लिए जल्द ही कृषि विज्ञान केद्र में परीक्षण शुरू होगा। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली और कृषि तकनीकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान कानपुर के सहयोग से डोम कैमरा को कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा और लेदौरा के शोध प्रक्षेत्र लगवाया जाएगा। बैटरी संचालित डोम कै...