पटना, अप्रैल 15 -- उच्च शिक्षा में फर्जी संस्थानों के बढ़ते मामलों को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम जनता के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि डिग्री प्रदान करने का अधिकार केवल उन्हीं विश्वविद्यालयों और संस्थानों को है, जो राज्य, केंद्रीय या प्रांतीय अधिनियम के तहत स्थापित हैं अथवा यूजीसी अधिनियम, 1956 के प्रावधानों के अनुरूप मान्यता प्राप्त हैं। यूजीसी के अनुसार, उसके संज्ञान में यह बात आई है कि कई संस्थान नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध डिग्रियां प्रदान कर रहे हैं। आयोग ने साफ तौर पर कहा है कि ऐसे संस्थानों द्वारा जारी की गई डिग्रियां न तो मान्य होंगी और न ही उच्च शिक्षा या रोजगार के लिए वैध मानी जाएंगी। इससे छात्रों के भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।आयोग ने सभी ...
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